रिपोर्ट: लाइव भारत / अमृतसर 10-जून (मनी शर्मा)
एसजीपीसी की अगुवाई में 541 श्रद्धालु करेंगे ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन
अमृतसर: पांचवें पातशाह श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस के अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की ओर से पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का विशेष जत्था रवाना किया गया। “बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं का यह जत्था अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान के लिए रवाना हुआ। यह जत्था 20 जून तक विभिन्न ऐतिहासिक गुरुधामों के दर्शन कर वापस भारत लौटेगा।
इस धार्मिक यात्रा की अगुवाई एसजीपीसी सदस्य भूपिंदर सिंह भलवान कर रहे हैं, जबकि गुरमीत सिंह बाहू को उप-आगू नियुक्त किया गया है। जानकारी के अनुसार कुल 561 श्रद्धालुओं के पासपोर्ट वीजा के लिए भेजे गए थे, जिनमें से 541 श्रद्धालुओं को पाकिस्तान हाई कमीशन की ओर से वीजा जारी किया गया, जबकि 20 श्रद्धालुओं की वीजा आवेदन रद्द कर दी गईं।
श्रद्धालु पाकिस्तान में स्थित सिख धर्म के प्रमुख ऐतिहासिक गुरुद्वारों — गुरुद्वारा जन्म स्थान ननकाना साहिब, गुरुद्वारा पंजा साहिब, करतारपुर साहिब और लाहौर स्थित डेरा साहिब — के दर्शन करेंगे। इसके अलावा जत्था श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस से जुड़े धार्मिक समागमों में भी हिस्सा लेगा।
जत्थे में शामिल श्रद्धालुओं ने कहा कि पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुधामों के दर्शन करना उनके जीवन का सपना था। मोगा जिले के श्रद्धालु मेजर सिंह ने बताया कि उन्हें 10 दिनों का वीजा मिला है और वह पहली बार इन पवित्र स्थलों के दर्शन करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका पूरा परिवार इस यात्रा को लेकर बेहद उत्साहित है।
प्रसिद्ध लेखक और समाजसेवी लखविंदर सिंह लखा सलेमपुरी ने कहा कि जिन गुरुधामों के दर्शन की अरदास वह वर्षों से कर रहे थे, वह आज पूरी होने जा रही है। उन्होंने बताया कि जत्था सबसे पहले ननकाना साहिब पहुंचेगा, जिसके बाद पंजा साहिब, करतारपुर साहिब और डेरा साहिब में मत्था टेकेगा।
श्रद्धालुओं का कहना है कि यह यात्रा केवल धार्मिक ही नहीं बल्कि सिख इतिहास, विरासत और आध्यात्मिकता से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है। परिवारों और रिश्तेदारों में भी इस यात्रा को लेकर खास उत्साह देखने को मिला।




