रिपोर्ट: लाइव भारत / अमृतसर 01-अगस्त (मनी शर्मा)
अमृतसर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026* में भारत के स्टार वेटलिफ्टर *लवप्रीत सिंह* ने पुरुषों की +110 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा* में शानदार प्रदर्शन करते हुए *रजत पदक (Silver Medal)* जीतकर देश का नाम रोशन किया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद उनके पैतृक गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। जैसे ही लवप्रीत के सिल्वर मेडल जीतने की खबर गांव पहुंची, परिवार, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया और एक-दूसरे का मुंह मीठा करवाकर खुशी जाहिर की। परिवार ने बताया कि लवप्रीत सिंह *भारतीय नौसेना (Indian Navy)* में अपनी सेवाएं भी दे रहे हैं और खेल के साथ-साथ देश की सेवा भी कर रहे हैं।
लवप्रीत सिंह बने गांव के युवाओं के लिए प्रेरणा
गांव के सरपंच *जुगराज सिंह* ने कहा कि लवप्रीत सिंह ने न केवल अपने परिवार और गांव बल्कि पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि करीब *10 से 12 वर्षों की लगातार मेहनत* के बाद लवप्रीत को यह बड़ी सफलता मिली है। यह उपलब्धि गांव के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है कि एक साधारण परिवार का बेटा भी कड़ी मेहनत और समर्पण के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन कर सकता है। उन्होंने कहा कि पंचायत की ओर से गांव के युवाओं को खेलों की ओर प्रोत्साहित करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। गांव में युवाओं के लिए *जिम की सुविधा* उपलब्ध कराई गई है, जहां आर्थिक रूप से कमजोर बच्चे भी निशुल्क अभ्यास कर सकते हैं। इसके अलावा *वॉलीबॉल, क्रिकेट और अन्य खेलों* का सामान भी उपलब्ध कराया जाता है ताकि युवा खेलों से जुड़ें और नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहें।
सरपंच ने कहा कि लवप्रीत सिंह अब गांव के युवाओं के लिए *रोल मॉडल* बन चुके हैं और उनके गांव लौटने पर भव्य स्वागत किया जाएगा।
कोच बोले- अब ओलंपिक पदक की उम्मीद
लवप्रीत सिंह के कोच *हीरा सिंह* ने बताया कि वर्ष *2022 के कॉमनवेल्थ गेम्स* में कांस्य पदक जीतने के बाद इस बार उन्होंने रजत पदक हासिल कर अपनी मेहनत का स्तर और ऊंचा साबित किया है।
उन्होंने कहा कि लवप्रीत बचपन से ही अनुशासित और मेहनती खिलाड़ी रहे हैं। यदि उन्हें आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं और बेहतर संसाधन मिलें तो वे भविष्य में *ओलंपिक खेलों* में भी भारत के लिए पदक जीत सकते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को बेहतर मंच और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए *डीएवी संस्थाओं* का भी आभार व्यक्त किया।
पिता बोले- बेटे ने किया अपना वादा पूरा
लवप्रीत सिंह के पिता *किरपाल सिंह*, जो पेशे से दर्जी हैं, ने बताया कि उनके बेटे को बचपन से ही वेटलिफ्टिंग में रुचि थी। गांव के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से प्रेरित होकर उसने इस खेल को अपनाया और लगातार मेहनत करता रहा।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के लिए रवाना होने से पहले लवप्रीत ने परिवार से वादा किया था कि वह इस बार पदक जीतकर ही लौटेगा और उसने अपना वादा निभा दिया।
मां ने कहा- मेहनत और वाहेगुरु की कृपा का मिला फल
लवप्रीत की माता *सुखविंदर कौर* ने भावुक होते हुए कहा कि यह सफलता वाहेगुरु की कृपा और बेटे की अथक मेहनत का परिणाम है। उन्होंने बताया कि ड्यूटी से लौटने के बाद भी लवप्रीत अपने पिता के काम में हाथ बंटाते थे और खाली समय में पूरी लगन से अभ्यास करते थे। उन्होंने कहा कि आज उनके बेटे ने पूरे परिवार, गांव और देश का नाम रोशन किया है। अब पूरे परिवार और गांव को उम्मीद है कि लवप्रीत भविष्य में *ओलंपिक* जैसे बड़े मंच पर भी भारत के लिए स्वर्णिम इतिहास रचेंगे।




