रामबाग अग्निकांड पीड़ितों से मिलने पहुंचे सांसद गुरजीत सिंह औजला, सरकार से मुआवजे की मांग

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रिपोर्ट: लाइव भारत / अमृतसर 03-जून (मनी शर्मा)

मजीठिया और दलबीर विवाद पर भी बोले

अमृतसर – अमृतसर के रामबाग इलाके में हाल ही में लगी भीषण आग से प्रभावित दुकानदारों और परिवारों का दुख साझा करने के लिए सांसद गुरजीत सिंह औजला मौके पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने आग से हुए भारी जान-माल के नुकसान पर गहरा दुख जताते हुए पंजाब सरकार से पीड़ित परिवारों को तत्काल और उचित मुआवजा देने की मांग की।

औजला ने कहा कि रामबाग बाजार में अधिकांश लोग गरीब और मजदूर वर्ग से संबंध रखते हैं, जो अपनी रोजी-रोटी इसी कारोबार से चलाते हैं। इस अग्निकांड ने कई परिवारों की आजीविका छीन ली है। उन्होंने कहा कि इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हुई है और कई लोगों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है, जिसकी भरपाई के लिए सरकार को आगे आना चाहिए।

सांसद ने फायर ब्रिगेड और नगर निगम की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह मुस्तैद होतीं तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि फायर ब्रिगेड के उपकरणों और वाहनों की समय पर देखभाल नहीं की गई, जिसके कारण लोगों को खुद आग बुझाने के लिए मैदान में उतरना पड़ा। उन्होंने कहा कि आपातकालीन हालात से निपटने के लिए बनाए गए ढांचे की समीक्षा कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

औजला ने कहा कि हादसे कहीं भी हो सकते हैं, लेकिन सरकार की जिम्मेदारी होती है कि वह तुरंत राहत और सहायता सुनिश्चित करे। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से अपील की कि अग्निकांड पीड़ितों के नुकसान का आकलन करवाकर उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए तथा मृतक के परिवार के लिए विशेष आर्थिक सहायता की घोषणा की जाए।

मजीठिया-दलबीर गिल विवाद पर भी दी प्रतिक्रिया

रामबाग दौरे के दौरान सांसद गुरजीत सिंह औजला ने अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और दलबीर गिल के बीच चल रहे विवाद पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में कानून का राज सर्वोपरि होना चाहिए और किसी को भी कानूनी प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है।

उन्होंने कहा कि यदि पुलिस ने किसी मामले में कार्रवाई की है तो कानून के अनुसार प्रक्रिया आगे बढ़नी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस और प्रशासन को भी कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन करना चाहिए ताकि किसी प्रकार का विवाद पैदा न हो।

औजला ने कहा कि राजनीतिक नेताओं को भी संवैधानिक मर्यादाओं और कानून का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में समस्याओं का समाधान कानूनी और शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए, न कि टकराव या दबाव की राजनीति के जरिए। उन्होंने यह भी कहा कि बिक्रम सिंह मजीठिया अपना समय भूल गए हैं और जिन लोगों को उन्होंने कभी उंगली पकड़कर राजनीति सिखाई थी, आज वही उनके सामने खड़े दिखाई दे रहे हैं।

उन्होंने सरकार से अपील की कि वह कानून-व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और प्रभावित परिवारों की सहायता जैसे वास्तविक जनहित के मुद्दों पर अधिक ध्यान दे।