बेअदबी बिल को लेकर सिख पंथ में बढ़ी चिंता / श्री अकाल तख्त साहिब में चर्चा कर बिल की खामियां दूर करने की अपील

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रिपोर्ट: लाइव भारत / अमृतसर 20-मई (मनी शर्मा)

धार्मिक मामलों में सरकारी दखल पर जताई नाराजगी, पंथक एकता बनाए रखने पर जोर

अमृतसर। Giani Gurbachan Singh ने पंजाब सरकार द्वारा लाए गए बेअदबी बिल को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस मुद्दे ने सिख पंथ और विभिन्न पंथक जत्थेबंदियों में गंभीर चिंता और विवाद पैदा कर दिया है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि धन श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए और इसके लिए पहले भी कई प्रयास किए गए थे, लेकिन उस समय बिल पारित नहीं हो सका था।

उन्होंने कहा कि अब Bhagwant Mann के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने यह बिल पास किया है, लेकिन इसमें कुछ खामियां और अस्पष्टताएं मौजूद हैं, जिनके कारण सिख संगतों और पंथक संगठनों में नाराजगी देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि बिल का उद्देश्य अच्छा हो सकता है, लेकिन इस पर Sri Akal Takht Sahib में सिंह साहिबानों, जत्थेदारों और पंथक नेताओं के साथ बैठकर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाना चाहिए, ताकि इसमें मौजूद त्रुटियों को दूर किया जा सके।

गियानी गुरबचन सिंह ने जोर देकर कहा कि यदि सभी पक्ष मिल बैठकर फैसला करेंगे तो पूरी कौम में सम्मान और एकता बनी रहेगी तथा विभिन्न जत्थेबंदियों के बीच पैदा हुई दूरी भी कम हो सकेगी। उन्होंने कहा कि धार्मिक मामलों में सरकार की बढ़ती दखलअंदाजी चिंता का विषय है। उनके अनुसार सरकारों को प्रशासनिक कार्यों तक सीमित रहना चाहिए, जबकि धार्मिक मामलों की जिम्मेदारी Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee और Sri Akal Takht Sahib जैसी संस्थाओं को दी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि दोनों पक्ष अपने-अपने दायरे में रहकर कार्य करेंगे तो समाज और मानवता की भलाई अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी। इस दौरान उन्होंने Giani Raghbir Singh के बयान पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हर व्यक्ति अपनी सोच और समझ के अनुसार विचार रखता है तथा इस संवेदनशील मुद्दे का समाधान बिना विवाद बढ़ाए आपसी सहमति और संवाद से निकाला जाना चाहिए।