लाइव भारत / अमृतसर 04-मई (मनी शर्मा)
अमृतसर Gurjeet Singh Aujla ने पंजाब में गेहूं खरीद व्यवस्था को लेकर बड़ा आरोप लगाया है। अजनाला क्षेत्र की विभिन्न मंडियों के दौरे के बाद उन्होंने दावा किया कि “चंडीगढ़ से लेकर मंडियों तक भ्रष्टाचार की पूरी चेन सक्रिय है” और किसानों की फसल के नाम पर खुलेआम लूट हो रही है।
मंडियों में गेहूं के अंबार, लेकिन लिफ्टिंग ठप
अजनाला की कुक्कड़ांवाला, राजासांसी, खतराई कला, चक्क सिकंदर, चमियारी, सुधार, अवान, गग्गोमाल समेत कई मंडियों का निरीक्षण करने के बाद औजला ने बताया कि मंडियों में गेहूं के ढेर लगे हुए हैं, लेकिन सरकारी लिफ्टिंग बेहद धीमी है। उनका कहना है कि आधिकारिक तौर पर 10% तक भी लिफ्टिंग नहीं हो रही, जबकि बाकी 90% काम आढ़तियों पर दबाव डालकर निजी स्तर पर करवाया जा रहा है। इससे आढ़तियों पर 25-30% अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
ट्रांसपोर्ट टेंडर में बड़ा घोटाला?
सांसद ने आरोप लगाया कि ट्रांसपोर्ट के टेंडर ऐसे लोगों को दे दिए गए जिनके पास ट्रक तक नहीं हैं।
> “टेंपो, स्कूटर, कार और मोटरसाइकिल की आरसी लगाकर करोड़ों के टेंडर ले लिए गए। जरूरत पड़ने पर मंडियों में ट्रक ही नहीं मिलते।” यह मामला सीधे तौर पर Punjab Food Civil Supplies and Consumer Affairs Department की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, जो गेहूं खरीद और सप्लाई के लिए जिम्मेदार है।
वेयरहाउस तक पहुंचने में भी भ्रष्टाचार के आरोप
औजला ने कहा कि जंडियाला, ढांगरा, टांगरा रोड, भगतांवाला, नवां पिंड और मजीठा के वेयरहाउसों में भी अव्यवस्था और भ्रष्टाचार का माहौल है। उन्होंने दावा किया कि ट्रांसपोर्टर्स को खुलेआम मैसेज भेजे जाते हैं—पैसे दो, वरना ट्रक वापस कर देंगे। मजदूर और ड्राइवर भी परेशान मंडियों और वेयरहाउसों में ट्रकों के 5-7 दिन तक फंसे रहने से ड्राइवरों, मजदूरों और पल्लेदारों की रोज़ी पर असर पड़ रहा है। कई लोगों की दिहाड़ी तक नहीं मिल रही। 2016 के ‘गेहूं गायब’ मामले की भी याद दिलाई सांसद ने Punjab wheat disappearance controversy 2016 का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर सवाल उठे थे। उन्होंने पूछा: 30 हजार करोड़ रुपये का गेहूं आखिर गया कहां था? और अब वही सिस्टम दोबारा क्यों दोहराया जा रहा है?
100 करोड़ रुपये के घोटाले का दावा औजला के अनुसार:
* अमृतसर जिले में करीब *100 करोड़ रुपये* का खेल चल रहा है
* अजनाला क्षेत्र में *20 लाख क्विंटल गेहूं खरीद* का अनुमान
* प्रति क्विंटल *₹25 से ₹80 ट्रांसपोर्ट खर्च*
मुख्यमंत्री से जांच की मांग
सांसद ने Bhagwant Mann से पूरे मामले की हाई-लेवल जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बिना अधिकारियों की मिलीभगत के इतना बड़ा घोटाला संभव नहीं है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह किसानों और टैक्सपेयर्स के साथ बड़ा धोखा होगा।




