रिपोर्ट: लाइव भारत / अमृतसर 20-मई (मनी शर्मा)
वार्डबंदी प्रक्रिया अधूरी होने के चलते 26 मई को प्रस्तावित चुनाव स्थगित, राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल
पंजाब में होने वाले नगर निकाय चुनावों के बीच अजनाला नगर पंचायत चुनावों को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। Punjab and Haryana High Court ने नगर पंचायत अजनाला के चुनावों पर फिलहाल रोक लगा दी है। अदालत के इस फैसले के बाद स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है और चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों की रणनीतियों पर भी असर पड़ा है।
जानकारी के मुताबिक, नगर पंचायत अजनाला में वार्डबंदी (डिलिमिटेशन) प्रक्रिया पूरी न होने को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि वार्डों के पुनर्गठन की प्रक्रिया अभी अधूरी है, ऐसे में चुनाव करवाना नियमों और प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुरूप नहीं होगा।
मामले में एडवोकेट बृज मोहन औल ने बताया कि हाईकोर्ट ने स्पष्ट आदेश जारी करते हुए कहा है कि जब तक वार्डबंदी की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक 26 मई को प्रस्तावित नगर पंचायत अजनाला के चुनाव नहीं करवाए जाएंगे। अदालत के इस फैसले ने चुनावी तैयारियों पर तत्काल प्रभाव डाला है।
इस निर्णय के बाद अजनाला क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों और चुनाव मैदान में उतरे उम्मीदवारों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। प्रशासनिक स्तर पर भी अब नई वार्डबंदी प्रक्रिया को लेकर आगामी कदमों पर चर्चा शुरू हो गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वार्डबंदी प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के अनुसार पूरी होने के बाद ही चुनाव करवाए जाने चाहिए, ताकि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष बनी रहे। वहीं विपक्षी दल इस मामले को लेकर सरकार और प्रशासन पर सवाल भी उठा रहे हैं।
क्या है वार्डबंदी विवाद?
नगर निकाय चुनावों से पहले वार्डों का पुनर्गठन किया जाता है, ताकि जनसंख्या और क्षेत्रफल के अनुसार वार्डों की सीमाएं तय की जा सकें। अजनाला नगर पंचायत में इसी प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हुआ, जिसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा और अदालत ने चुनावों पर रोक लगा दी।
अब आगे क्या?
अब सभी की नजरें पंजाब सरकार और स्थानीय प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। वार्डबंदी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही चुनावों की नई तारीखों का ऐलान किया जा सकता है।




