नशा मुक्ति केंद्र पहुंचे डॉ. साहनी: 3 युवाओं को एक सप्ताह में नौकरी दिलाने का भरोसा, 4 युवाओं के लिए फूड-कार्ट शुरू कराने का वादा

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लाइव भारत अमृतसर (मनी शर्मा)

पुनर्वास के बाद रोजगार और आत्मनिर्भरता पर जोर; केंद्र के आसपास कथित नशे की बिक्री पर जताई चिंता, खालसा कॉलेज के सामने शराब ठेके की जांच की मांग

अमृतसर, 26 सितंबर 2026: राज्यसभा सांसद और सन फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी ने नशे की लत से उबर रहे युवाओं के पुनर्वास को रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ने पर जोर दिया। नशा मुक्ति पंजाब यात्रा के तहत उन्होंने सन फाउंडेशन द्वारा संचालित पुनर्वास केंद्र का दौरा किया और वहां इलाज, पुनर्वास एवं कौशल प्रशिक्षण ले रहे युवाओं से बातचीत कर उनकी प्रगति की जानकारी ली।

सन फाउंडेशन पिछले 12 वर्षों से इस पुनर्वास केंद्र का संचालन कर रहा है। केंद्र में नशे की लत से जूझ रहे युवाओं को मुफ्त इलाज, पुनर्वास और कौशल विकास की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। युवाओं को इलेक्ट्रीशियन, डेटा एंट्री ऑपरेटर, प्लंबिंग और कमिस शेफ जैसे ट्रेड में मुफ्त व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके साथ ही संगीत, ध्यान और जिम जैसी गतिविधियों के माध्यम से भी युवाओं को सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराया जाता है।

तीन युवाओं को एक सप्ताह में नौकरी दिलाने का भरोसा

दौरे के दौरान डॉ. साहनी ने डेटा एंट्री ऑपरेटर का प्रशिक्षण ले रहे तीन युवाओं से विशेष मुलाकात की। इन तीनों का पुनर्वास पूरा हो चुका है। इनमें एक युवक दुबई से वापस आया है, जबकि दो अन्य बीटेक स्नातक हैं, जो बाद में नशे की लत के शिकार हो गए थे।

डॉ. साहनी ने तीनों युवाओं को भरोसा दिलाया कि सन फाउंडेशन एक सप्ताह के भीतर उनकी नौकरी लगवाने में मदद करेगा।

उन्होंने कहा कि पुनर्वास केवल इलाज पूरा होने तक सीमित नहीं होना चाहिए। असली चुनौती यह है कि नशे से बाहर निकलने वाले युवाओं को अपने भविष्य को बेहतर बनाने का कारण और अवसर मिले। इसके लिए कौशल, रोजगार, सम्मान और आत्मविश्वास जरूरी हैं।

उन्होंने कहा कि नशे की लत से बाहर आने वाले युवाओं के लिए रोजगार और आजीविका के अवसर पुनर्वास प्रक्रिया का अहम हिस्सा हैं और सन फाउंडेशन इस दिशा में लगातार काम कर रहा है।

चार युवाओं को फूड-कार्ट शुरू कराने में मदद

डॉ. साहनी ने केंद्र में कमिस शेफ का प्रशिक्षण पूरा कर चुके चार युवाओं से भी मुलाकात की। इन युवाओं ने पेशेवर स्तर पर खाना बनाने का प्रशिक्षण हासिल किया है और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की इच्छा जताई।

डॉ. साहनी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि सन फाउंडेशन उन्हें अपना फूड-कार्ट व्यवसाय शुरू करने में मदद करेगा, ताकि वे अपने हुनर को रोजगार में बदल सकें और स्थायी आजीविका खड़ी कर सकें।

उन्होंने कहा कि वर्षों तक नशे की लत से संघर्ष करने के बाद कोई हुनर सीखना जिंदगी को दोबारा शुरू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे युवाओं को उनके अतीत से नहीं, बल्कि उनके हुनर और भविष्य की संभावनाओं से पहचान मिलन