रिपोर्ट: लाइव भारत / अमृतसर 23-मई (मनी शर्मा)
अमृतसर के प्रतिष्ठित खालसा कॉलेज में कुत्तों के साथ कथित क्रूरता को लेकर विवाद गहरा गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ वीडियो के बाद शुक्रवार को एनिमल एक्टिविस्टों, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज परिसर के बाहर प्रदर्शन करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वायरल वीडियो में कुछ कुत्तों को बेरहमी से घसीटते और पीटते हुए देखा गया। एक्टिविस्टों का दावा है कि इस घटना में कुछ बेजुबान जानवरों की मौत भी हुई है। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि अमृतसर जैसी धार्मिक और ऐतिहासिक नगरी में इस तरह की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है।
एक एनिमल एक्टिविस्ट ने कहा कि जो जानवर अपनी आवाज नहीं उठा सकते, उनके लिए समाज को आगे आना होगा। वहीं एक महिला प्रदर्शनकारी, जिसने खुद को शिक्षिका और एनिमल एक्टिविस्ट बताया, ने आरोप लगाया कि एक कुत्ते को बैटरी रिक्शा से बांधकर घसीटा गया, जिससे उसकी मौत हो गई। उसने यह भी दावा किया कि एक अन्य कुत्ते की टांग तोड़ दी गई।
प्रदर्शनकारियों ने कॉलेज प्रशासन पर मामले में संतोषजनक जवाब न देने का आरोप लगाया। उन्होंने आशंका जताई कि कॉलेज के कुछ सुरक्षा कर्मी भी इस घटना में शामिल हो सकते हैं। एक्टिविस्टों ने मांग की कि वायरल वीडियो में दिख रहे कुत्तों को सार्वजनिक रूप से सामने लाया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए।
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि यदि आवारा कुत्तों को कैंपस से हटाना जरूरी था, तो उन्हें सुरक्षित शेल्टर और इलाज की सुविधा दी जानी चाहिए थी, न कि उनके साथ कथित क्रूरता की जाती।
प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में बेजुबान जानवरों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त कदम नहीं उठाए जा रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
कॉलेज प्रशासन ने आरोपों को बताया निराधार
दूसरी ओर, खालसा कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आत्म सिंह रंधावा ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि कॉलेज परिसर में किसी भी कुत्ते को नहीं मारा गया और यह पूरा मामला “राजनीतिक रूप से प्रेरित” है।
डॉ. रंधावा के अनुसार कॉलेज प्रबंधन और स्टाफ परिसर में रहने वाले कुत्तों की नियमित देखभाल करते हैं। उन्होंने कहा कि घायल कुत्तों का इलाज करवाया जाता है और पशु कल्याण संस्थाओं की सहायता भी ली जाती है।
प्रिंसिपल ने बताया कि एक कुत्ता पहले से घायल था और कमरे में फंसने के बाद शीशा तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश में उसके पंजे जख्मी हो गए थे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाला बैटरी रिक्शा कॉलेज का नहीं था और कॉलेज परिसर में कई बाहरी वाहन आते-जाते रहते हैं।
कॉलेज प्रशासन ने कहा कि पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी और यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस विवाद को लेकर अमृतसर में चर्चाओं का दौर जारी है और लोग मामले की सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहे हैं।




