एडवोकेट रवनीत कौर ने पुलिस और परिवार पर लगाए गंभीर आरोप, इंसाफ और सुरक्षा की लगाई गुहार

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रिपोर्ट: लाइव भारत / अमृतसर 13-मई (मनी शर्मा)

अमृतसर: कोट खालसा निवासी एडवोकेट रवनीत कौर ने पुलिस प्रशासन, अपने परिवार और कुछ वकील साथियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मीडिया के माध्यम से इंसाफ की मांग की है। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से पुलिस अत्याचार और मानसिक प्रताड़ना का शिकार हो रही हैं तथा उनके मौलिक अधिकारों का लगातार उल्लंघन किया जा रहा है।

रवनीत कौर ने बताया कि उनके पिता द्वारा बनाए गए दो रिहायशी मकानों में से एक में वह बचपन से रह रही हैं। लेकिन पिता की मृत्यु के बाद उनकी सौतेली मां और उसके बेटे ने उन्हें उस संपत्ति से बेदखल करने की कोशिश शुरू कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें घर छोड़ने के लिए लगातार दबाव बनाया गया और गांव के कुछ लोगों के साथ मिलकर उनके खिलाफ झूठी शिकायतें दी गईं।

उन्होंने कहा कि कई बार पुलिस को शिकायत देने के बावजूद किसी भी शिकायत की निष्पक्ष जांच नहीं की गई। उल्टा पुलिस द्वारा उन्हें ही दोषी ठहराया गया और प्रॉपर्टी छोड़ने की धमकियां दी गईं। रवनीत कौर के अनुसार, जब उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की तो सोशल मीडिया और अदालतों में उनके खिलाफ झूठा प्रचार कर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई।

एडवोकेट रवनीत कौर ने दावा किया कि 17 सितंबर 2025 को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट परिसर में उनके कुछ वकील साथियों द्वारा उन पर हमला किया गया और जान से मारने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि यदि उनके साथी वकील सिमरनजीत सिंह मौके पर उन्हें न बचाते तो आज वह जीवित नहीं होतीं।

उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद कई बार शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। रवनीत कौर ने यह भी बताया कि हाईकोर्ट द्वारा दो बार सुरक्षा देने के आदेश जारी किए जाने के बावजूद उन्हें पुलिस सुरक्षा उपलब्ध नहीं करवाई गई।

रवनीत कौर ने कहा कि उन्हें लगातार झूठे मामलों में फंसाने की साजिश रची जा रही है और उन्हें अपनी जान का खतरा बना हुआ है। उन्होंने मीडिया से अपील की कि उनकी आवाज लोगों तक पहुंचाई जाए ताकि उन्हें इंसाफ मिल सके, उनके पिता की संपत्ति में रहने का अधिकार सुरक्षित हो सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी पढ़ाई और वकालत के पेशे को समर्पित की, कई लोगों को इंसाफ दिलाया, लेकिन आज वह खुद न्याय के लिए दर-दर भटक रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है या वह कोई कठोर कदम उठाने को मजबूर होती हैं, तो इसके लिए उनके परिवार के कुछ सदस्य और वे लोग जिम्मेदार होंगे जिन्होंने उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित और बदनाम किया।