इमान सिंह मान ने ‘वंदे मातरम्’ और बेअदबी कानून को लेकर केंद्र व पंजाब सरकार पर साधा निशाना

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रिपोर्ट: लाइव भारत / अमृतसर 07-मई (मनी शर्मा)

अकाल तख्त साहिब पहुंचे इमान सिंह मान, बोले — “सिखों पर मां पूजा थोपने की कोशिश”

अमृतसर इमान सिंह मान ने श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचकर मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्र सरकार, पंजाब सरकार और SGPC के कामकाज पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में “वंदे मातरम्” को सिखों पर थोपने की कोशिश की जा रही है, जो सिख धर्म की मर्यादाओं के खिलाफ है।

इमान सिंह मान ने कहा कि “वंदे मातरम्” गीत में देश को मां और देवी-देवताओं के रूप में दर्शाया गया है, जबकि सिख धर्म किसी प्रकार की मूर्ति पूजा या मां पूजा की इजाजत नहीं देता। उन्होंने आरोप लगाया कि सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं और पहचान को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने कहा कि “प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट टू नेशनल मॉन्यूमेंट्स” कानून के तहत यदि बच्चे “वंदे मातरम्” नहीं गाते हैं तो उन्हें तीन साल तक की सजा और जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। इमान सिंह मान ने इसे सिखों के धार्मिक अधिकारों पर हमला बताया।

“ना हम हिंदू, ना मुसलमान” का दिया हवाला

इमान सिंह मान ने भारतीय संविधान की धारा 25 का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें सिखों को हिंदुओं के साथ जोड़कर दिखाया गया है। उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब की पंक्ति “ना हम हिंदू ना मुसलमान” का हवाला देते हुए कहा कि सिख धर्म की अलग पहचान है और उसे कमजोर नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि वे अकाल तख्त साहिब के हेड ग्रंथी से यह स्पष्ट करने पहुंचे हैं कि क्या सिख धर्म में देवी-देवताओं, मूर्ति पूजा और मां पूजा की अनुमति है या नहीं।

बेअदबी कानून और SGPC चुनावों पर भी उठाए सवाल

इमान सिंह मान ने पंजाब सरकार द्वारा बनाए गए बेअदबी कानून और मुख्यमंत्री भगवंत मान की “शुक्राना यात्रा” पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने समय पर SGPC चुनाव नहीं करवाए और सिख गुरुद्वारा एक्ट की भावना के खिलाफ काम किया है।

उन्होंने कहा कि सरकार गुरुद्वारों के प्रबंधन में दखल दे रही है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर किया जा रहा है। इमान सिंह मान ने दावा किया कि सिख समुदाय को देवी-देवताओं की पूजा की ओर धकेलने की कोशिश हो रही है, जिसका वे कड़ा विरोध करते हैं।