अमृतसर में सीएम भगवंत मान की ‘शुक्राना यात्रा’ के ट्रैफिक डायवर्जन पर बड़ा आरोप, अस्पताल पहुंचने में देरी से गर्भपात होने का दावा

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रिपोर्ट :लाइव भारत / अमृतसर 09-मई (मनी शर्मा) 

अमृतसर, पंजाब: अमृतसर के मेहता क्षेत्र के एक व्यक्ति ने पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann की ‘शुक्राना यात्रा’ के दौरान लगाए गए ट्रैफिक प्रतिबंधों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार का दावा है कि वीआईपी मूवमेंट और ट्रैफिक डायवर्जन की वजह से उनकी गर्भवती पत्नी समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सकी, जिसके चलते गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में मेहता निवासी जुगराज सिंह ने बताया कि गुरुवार को उनकी गर्भवती पत्नी को अचानक तेज दर्द शुरू हुआ। इसके बाद वे तुरंत अपनी कार से गुरु अमर दास अस्पताल के लिए रवाना हुए।

जुगराज सिंह के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान की अमृतसर यात्रा के कारण कई मार्गों पर भारी ट्रैफिक प्रतिबंध लगाए गए थे और पुलिस द्वारा वाहनों को वैकल्पिक रास्तों की ओर मोड़ा जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़कें बंद होने और लंबा डायवर्जन मिलने के कारण उन्हें अस्पताल पहुंचने में करीब 40 से 50 मिनट की अतिरिक्त देरी हुई।

परिवार का कहना है कि इस दौरान महिला गाड़ी में ही असहनीय दर्द से तड़पती रही। जब वे अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो चुकी है और गर्भपात हो गया।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

यह मामला तब और चर्चा में आया जब खडूर साहिब से सांसद Amritpal Singh के माता-पिता द्वारा यह वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया गया। पोस्ट में लिखा गया कि जुगराज सिंह रंधावा, जो ‘अकाली दल वारिस पंजाब दे’ के सहायक दफ्तर इंचार्ज बताए जा रहे हैं, अपनी गर्भवती पत्नी को इमरजेंसी में अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था के कारण उन्हें रास्ता नहीं दिया गया।

पोस्ट में दावा किया गया कि परिवार को करीब 20 किलोमीटर अतिरिक्त घूमकर जाना पड़ा और लगभग 50 मिनट तक महिला दर्द से तड़पती रही। आरोप लगाया गया कि समय पर इलाज न मिलने की वजह से गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई।

प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं

इस पूरे मामले पर फिलहाल जिला प्रशासन या पंजाब सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, सोशल media पर यह मामला तेजी से वायरल हो रहा है और लोग वीआईपी मूवमेंट के दौरान आम जनता को होने वाली परेशानियों पर सवाल उठा रहे हैं।