अमृतसर भंडारी पुल पर दलित संगठनों का धरना, दो महिलाओं ने शुरू की भूख हड़ताल

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रिपोर्ट लाइव भारत 31-08-2026 (मनी शर्मा)

पोती को हत्या के मामले में फंसाने का आरोप, इंसाफ की मांग को लेकर दादी प्रेम कौर ने लगाया धरना

कथित झूठे मामलों और हमलों में कार्रवाई की मांग, दलित संगठनों ने सरकार को दी बड़े प्रदर्शन की चेतावनी

पुलिस का भरोसा—मामलों की जांच कर कानून के मुताबिक होगी कार्रवाई, रिकॉर्डिंग पेन ड्राइव में देने की अपील

अमृतसर के भंडारी पुल पर दलित समाज की विभिन्न जत्थेबंदियों की ओर से दो अलग-अलग मामलों को लेकर धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान पीड़ित महिलाओं प्रेम कौर और ऊषा ने इंसाफ की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और प्रशासन पर मामलों में उचित कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगाए।

धरने के दौरान संगठन के नेता शबीर दराविड़ ने कहा कि दोनों महिलाएं लंबे समय से प्रशासन से इंसाफ की मांग कर रही हैं, लेकिन न्याय नहीं मिलने के कारण उन्हें भूख हड़ताल पर बैठना पड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही दोनों मामलों का समाधान नहीं किया गया और कथित झूठे मामले रद्द नहीं किए गए तो पंजाब की सभी जत्थेबंदियों को साथ लेकर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।

पोती को हत्या के मामले में फंसाने का आरोप

ऑल इंडिया शेड्यूल्ड कास्ट फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश कुमार जग्गू ने आरोप लगाया कि प्रेम कौर की पोती को एक हत्या के मामले में कथित तौर पर फंसाया गया है। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में एक लड़के की रिकॉर्डिंग भी सामने आई है, जिसमें उसने अपने परिवार से परेशान होने की बात कही थी।

जत्थेबंदी ने इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और परिवार को इंसाफ दिलाने की मांग की है।

हमलों के मामले में भी कार्रवाई की मांग

महिला विंग पंजाब की अध्यक्ष सिमरनजीत कौर ने कहा कि जब तक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे पीड़ित महिलाओं के साथ खड़ी रहेंगी। उन्होंने अपने भाई पर अलग-अलग स्थानों पर हुए कथित हमलों का मुद्दा भी उठाया और पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगाए।

प्रेम कौर बोलीं- पोती को झूठे केस में फंसाया गया

प्रेम कौर ने अपनी पोती को कथित तौर पर झूठे मामले में फंसाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पास इस मामले से संबंधित रिकॉर्डिंग मौजूद है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने भी यह रिकॉर्डिंग सुनी है।

प्रेम कौर के मुताबिक, परिवार के साथ मारपीट होने के बावजूद उनकी पोती को जेल भेज दिया गया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और परिवार को इंसाफ देने की मांग की।

दुकान की साझेदारी के विवाद को लेकर ऊषा ने उठाई आवाज

दूसरी पीड़ित महिला ऊषा ने दुकान की साझेदारी से जुड़े विवाद को लेकर इंसाफ की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि हिसाब मांगने पर उनके परिवार के खिलाफ कथित तौर पर झूठा मामला दर्ज करवाया गया।

पुलिस ने दिया जांच का भरोसा

मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की ओर से उठाए गए सभी मामले अलग-अलग थानों से संबंधित हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों को मामले भेजे जाएंगे और जो भी शिकायतें जायज होंगी, उनकी जांच करके कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारी ने आत्महत्या से जुड़े मामले में बताई जा रही रिकॉर्डिंग को पेन ड्राइव के माध्यम से पुलिस को उपलब्ध करवाने की भी अपील की, ताकि रिकॉर्डिंग की जांच कर मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके। फिलहाल भंडारी पुल पर हुए इस धरने के बाद पुलिस और प्रशासन की ओर से मामलों की जांच का भरोसा दिया गया है। प्रदर्शनकारी महिलाओं और दलित संगठनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिलता, उनका संघर्ष जारी रहेगा।