रिपोर्ट: लाइव भारत / अमृतसर 20-जुलाई (कृतिका)
मनप्रीत सिंह इयाली और बाबा तरसेम सिंह जी ने नए शामिल हुए नेताओं का किया गर्मजोशी से स्वागत
मनप्रीत सिंह इयाली का दावा— 2027 विधानसभा चुनाव में अमृतपाल खुद लड़ेंगे चुनाव
अमृतसर। पंजाब की राजनीति में उस समय बड़ी हलचल देखने को मिली, जब अकाली दल के लंबे समय से जुड़े वरिष्ठ नेता और पूर्व जनरल सचिव इकबाल सिंह संधू ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ शिरोमणि अकाली दल को अलविदा कहते हुए ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन में शामिल होने का ऐलान कर दिया। इस मौके पर संगठन के प्रमुख नेताओं मनप्रीत सिंह इयाली और बाबा तरसेम सिंह जी ने संधू और उनके साथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया तथा इस कदम को पंजाब और पंथ की उन्नति के लिए ऐतिहासिक बताया। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि आज पंजाब के सामने मौजूद चुनौतियों और वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए ‘वारिस पंजाब दे’ ही एकमात्र ऐसा संगठन है, जिस पर पंजाब के लोगों और पंथ के वारिसों को पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से शिरोमणि अकाली दल का मौजूदा नेतृत्व पार्टी के मूल सिद्धांतों और प्रमुख मुद्दों से भटक गया है, जिसके कारण पंथक और पंजाबी मतदाता निराश थे। ऐसे समय में इकबाल सिंह संधू जैसे अनुभवी और ईमानदार नेता का संगठन से जुड़ना इस बात का प्रतीक है कि अब पंजाब के अधिकारों की लड़ाई और अधिक मजबूती के साथ लड़ी जाएगी। इकबाल सिंह संधू ने अपने संबोधन में कहा कि उन्होंने अपने जीवन के लगभग 30 वर्ष अकाली दल की सेवा में लगाए हैं, लेकिन नेतृत्व की गलत नीतियों और पंथक मूल्यों से दूरी के कारण कार्यकर्ताओं और नेताओं में भारी नाराजगी थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी लालच या पद की इच्छा से नहीं, बल्कि पंजाब और पंथ की सेवा के उद्देश्य से इस संगठन का हिस्सा बने हैं।उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में कई और प्रमुख चेहरे तथा पंथक सोच रखने वाले नेता भी इस काफिले से जुड़ेंगे। उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों में पंजाब के लोगों की वास्तविक आवाज को बुलंद किया जाएगा। इस दौरान मनप्रीत सिंह इयाली ने दावा किया कि वर्ष 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में अमृतपाल सिंह स्वयं चुनाव मैदान में उतरेंगे। उन्होंने कहा कि संगठन जनता के मुद्दों को लेकर मजबूती से आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में पंजाब की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
