अमृतसर 26-02-2026 (मनी शर्मा) : नशा विरोधी अभियान के बीच विवाद
Guru Nanak Dev University (GNDU) में चल रही ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ मुहिम के दौरान एक कार्यक्रम में शराब से जुड़े गाने बजने पर विवाद खड़ा हो गया है। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करना था, लेकिन मंच पर “नचा मैं गिद्धे ’च परां, हो वे शराबियां” जैसे गीत बजने से सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।

सोशल मीडिया पर उठे सवाल
कार्यक्रम का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोगों ने सवाल उठाए कि जब अभियान का मकसद नशे के खिलाफ संदेश देना है, तो फिर ऐसे गीत क्यों बजाए गए जो अप्रत्यक्ष रूप से शराब संस्कृति को बढ़ावा देते हैं। कई यूजर्स ने इसे ‘दोहरे मानदंड’ करार दिया।
आयोजन की मंशा पर बहस
हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि यह केवल सांस्कृतिक प्रस्तुति का हिस्सा था और इसका उद्देश्य किसी प्रकार से नशे को बढ़ावा देना नहीं था। लेकिन आलोचकों का तर्क है कि शैक्षणिक संस्थानों में आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान संदेश की गंभीरता और मंच की जिम्मेदारी को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
युवाओं पर प्रभाव को लेकर चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि विश्वविद्यालय जैसे शैक्षणिक संस्थान समाज को दिशा देने का काम करते हैं। ऐसे में नशा विरोधी कार्यक्रमों के दौरान प्रस्तुत की जाने वाली सामग्री भी अभियान के उद्देश्य के अनुरूप होनी चाहिए, ताकि युवाओं को स्पष्ट और सकारात्मक संदेश मिल सके।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सोशल मीडिया पर जारी बहस के बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रबंधन इस मुद्दे पर क्या स्पष्टीकरण देता है।




