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1984 में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी मामले में FIR की मांग तेज, डॉ. जगमोहन सिंह राजू ने सरकार पर उठाए सवाल

रिपोर्ट: लाइव भारत / अमृतसर 07-मई (मनी शर्मा)

श्री हरिमंदिर साहिब में मत्था टेककर की अरदास, बोले — “कानून सिर्फ दिखावा”

अमृतसर। डॉ. जगमोहन सिंह राजू ने श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचकर 1984 में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूप के साथ हुई बेअदबी के मामले में मीडिया को जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान की नीयत पर भी सवाल खड़े किए।

डॉ. राजू ने कहा कि जून 1984 के दौरान हुई घटना से जुड़ा पावन स्वरूप आज भी श्री हरिमंदिर साहिब में मौजूद है, जिसके अंगों पर जख्मों के निशान साफ दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि वे विशेष तौर पर गुरु घर में माथा टेकने और अरदास करने पहुंचे थे, ताकि इस संवेदनशील मामले में न्याय की मांग को आगे बढ़ाया जा सके।

उन्होंने बताया कि उन्होंने पुलिस कमिश्नर को एक आधिकारिक शिकायत देकर इस मामले में FIR दर्ज करने की मांग की है। डॉ. राजू ने कहा कि यह केवल धार्मिक मामला नहीं, बल्कि करोड़ों सिखों की भावनाओं से जुड़ा बेहद संवेदनशील मुद्दा है और इस पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।

“सरकार की नीयत साफ होती तो अब तक FIR दर्ज हो चुकी होती”

डॉ. जगमोहन सिंह राजू ने पंजाब सरकार द्वारा बनाए गए बेअदबी कानून पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार का कानून केवल “गेमबाजी” और दिखावा लगता है। यदि सरकार की नीयत साफ होती तो अब तक FIR दर्ज हो चुकी होती। हालांकि उन्होंने कहा कि वे अभी भी सरकार को “बेनिफिट ऑफ डाउट” दे रहे हैं और दो-चार दिन और इंतजार करेंगे कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो संघर्ष को तेज किया जाएगा।

“अब सरकार और जांच एजेंसियों की जिम्मेदारी”

डॉ. राजू ने कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक और सिख होने के नाते उन्होंने अपना फर्ज निभाया है। अब यह सरकार और जांच एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सच सामने लाया जाए और सिख संगत की भावनाओं को न्याय मिले। उन्होंने मांग की कि मामले में जल्द FIR दर्ज कर पूरी जांच करवाई जाए ताकि दोषियों की जवाबदेही तय हो सके।

 

 

 

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