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भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में कल देशभर में निकलेगा मोटरसाइकिल मार्च, सरवन सिंह पंधेर ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

रिपोर्ट: लाइव भारत / अमृतसर 14-जुलाई (मनी शर्मा)

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में देशभर में मोटरसाइकिल मार्च

अमृतसर किसान मजदूर संघर्ष समिति के वरिष्ठ नेता *सरवन सिंह पंधेर* ने घोषणा की है कि *देश बचाओ मोर्चा* के आह्वान पर भारत-अमेरिका प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में *कल देशभर में व्यापक स्तर पर मोटरसाइकिल मार्च* निकाले जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य केंद्र सरकार तक यह संदेश पहुंचाना है कि देश के किसान, मजदूर, कर्मचारी, छोटे व्यापारी और आम नागरिक इस समझौते को राष्ट्रीय हितों के खिलाफ मानते हैं।

पंधेर ने बताया कि *पंजाब के 23 जिलों* में मोटरसाइकिल मार्च आयोजित किए जाएंगे। इनमें *किसान मजदूर मोर्चा, संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक), आजाद किसान मोर्चा* सहित कई किसान संगठन भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि *हरियाणा* में भारतीय किसान यूनियन (शहीद भगत सिंह), भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) और किसान-मजदूर संघर्ष मोर्चा भी बड़े पैमाने पर इस आंदोलन में शामिल होंगे। इसके अलावा *राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, दिल्ली और महाराष्ट्र* सहित कई राज्यों में भी विरोध प्रदर्शन, मोटरसाइकिल और साइकिल मार्च निकाले जाएंगे।

किसानों और छोटे कारोबारियों के लिए नुकसानदायक बताया समझौता

सरवन सिंह पंधेर ने दावा किया कि भारत कृषि उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर देश है और यहां अनाज, दालें, सब्जियां, फल, फूल तथा तिलहन जैसी अधिकांश आवश्यक कृषि उपज का पर्याप्त उत्पादन होता है। ऐसे में विदेशी कृषि उत्पादों के आयात की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता लागू होता है तो अमेरिकी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में *कम या शून्य आयात शुल्क* पर पहुंचेंगे, जिससे देश के छोटे और मध्यम किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

अमेरिकी सब्सिडी से भारतीय किसानों पर पड़ेगा असर

पंधेर ने कहा कि अमेरिका में किसानों और कृषि कंपनियों को सरकार की ओर से भारी सब्सिडी दी जाती है, जबकि भारत का अधिकांश किसान छोटी जोतों पर खेती करता है। ऐसे में भारतीय किसानों के लिए अमेरिकी उत्पादों से प्रतिस्पर्धा करना बेहद कठिन होगा। उन्होंने आशंका जताई कि यह समझौता केवल खेती ही नहीं बल्कि *छोटे उद्योगों और लघु व्यापारियों* के लिए भी नुकसानदायक साबित हो सकता है।

समझौता रद्द नहीं हुआ तो होगा बड़ा आंदोलन

सरवन सिंह पंधेर ने देशवासियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में मोटरसाइकिल मार्च में शामिल हों। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौता वापस नहीं लिया तो किसान संगठन *पिछले किसान आंदोलन से भी बड़ा राष्ट्रव्यापी आंदोलन* शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।

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