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नंगे पैर श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचे स्पीकर कुलतार सिंह संधवां, जत्थेदार से हुई अहम बैठक

रिपोर्ट :लाइव भारत / अमृतसर 09-मई (मनी शर्मा) 

बेअदबी कानून पर सरकार और सिख संस्थाओं के बीच बढ़ा संवाद

पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां आज श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचे, जहां उन्होंने जत्थेदार के साथ बेअदबी कानून को लेकर अहम बैठक की। जानकारी के मुताबिक, कानून बनाए जाने के दौरान सिख संस्थाओं और जत्थेदारों से पर्याप्त सलाह-मशविरा न किए जाने को लेकर उन्हें तलब किया गया था। इसी के चलते संधवां एक श्रद्धालु सिख के रूप में नंगे पैर श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचे और जत्थेदार के साथ विस्तार से बातचीत की।

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब और श्री गुरु ग्रंथ साहिब सिख पंथ के लिए सर्वोच्च स्थान रखते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार और विधानसभा की ओर से जो भी कदम उठाए जाएंगे, वे गुरु पंथ की भावनाओं और पंथ की चढ़दी कला को ध्यान में रखकर ही उठाए जाएंगे।

संधवां ने बताया कि उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था और उन्होंने पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ अपनी बात जत्थेदार साहिब के समक्ष रखी। हालांकि उन्होंने बैठक के विस्तृत विवरण साझा करने से इनकार करते हुए कहा कि इस संबंध में आधिकारिक जानकारी जत्थेदार साहिब या उनके प्रतिनिधियों द्वारा ही दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि बेअदबी का मुद्दा बेहद संवेदनशील है और यह हर सिख की आस्था और भावनाओं से जुड़ा विषय है। संधवां ने यह भी याद दिलाया कि इतिहास में जब अंग्रेजों के समय संबंधित एक्ट बनाए गए थे, तब भी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) से राय ली गई थी। ऐसे में धार्मिक मामलों से जुड़े कानून बनाते समय पंथक संस्थाओं के साथ संवाद बेहद जरूरी है।

इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में उनकी किसी ईडी अधिकारी या सरकार के अन्य विभागों के साथ अलग से कोई बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि आगे की जानकारी कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और जत्थेदार साहिब की ओर से साझा की जाएगी। फिलहाल, इस मुलाकात को पंजाब सरकार और सिख संस्थाओं के बीच संवाद मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

 

 

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