गुरदासपुर: विवाहिता की जहरीला पदार्थ निगलने से मौत, आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर SSP कार्यालय घेरने की चेतावनी

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रिपोर्ट: लाइव भारत / अमृतसर 13-जुलाई (मनी शर्मा)

गुरदासपुर जिले के दीनानगर थाना क्षेत्र के गांव चक आलिया में दो बच्चों की मां की जहरीला पदार्थ निगलने से हुई मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मृतका के मायके पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने पति समेत ससुराल पक्ष के चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

पीड़ित परिवार और गांव गादड़ियां के लोगों ने आरोप लगाया कि मामला दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इसी के विरोध में ग्रामीणों ने दीनानगर पुलिस के प्रति रोष जताते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे *एसएसपी कार्यालय गुरदासपुर* का घेराव करेंगे। मृतका के भाई *गुरदेव सिंह* ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि *3 जुलाई* को उन्हें सूचना मिली थी कि उनकी बहन *राजविंदर कौर* ने जहरीला पदार्थ निगल लिया है। इसके बाद परिवार ने उसे बचाने के लिए विभिन्न अस्पतालों में इलाज कराया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बहन की मौत के लिए उसके पति और ससुराल पक्ष के सदस्य जिम्मेदार हैं। उनके बयानों के आधार पर दीनानगर पुलिस ने पति  बलविंदर सिंह, ससुर चन्नन सिंह, सास बलजीत कौर और ननद संदीप कौर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। हालांकि एफआईआर दर्ज होने के तीन दिन बाद भी किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई। गुरदेव सिंह ने पुलिस प्रशासन को *पांच दिन का अल्टीमेटम* देते हुए कहा कि यदि निर्धारित समय के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो परिवार, रिश्तेदार और ग्रामीण मिलकर *एसएसपी कार्यालय गुरदासपुर* का घेराव करेंगे।

इस मामले में *दीनानगर थाना प्रभारी (एसएचओ) सुरिंदर पाल सिंह* ने कहा कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है, लेकिन सभी आरोपी अपने घरों से फरार हैं और उनके मकानों पर ताले लगे हुए हैं। उन्होंने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि पुलिस पूरी संवेदनशीलता के साथ मामले की जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच के निष्कर्षों के अधीन है।