लाइव भारत / अमृतसर 29-अप्रैल (मनी शर्मा)
अमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने आज भगतांवाला अनाज मंडी का दौरा कर पिछले दो दिनों से हो रही बारिश के चलते बने हालातों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मंडियों में खुले आसमान के नीचे पड़ी गेहूं की फसल को लेकर गंभीर चिंता जताई।
औजला ने बताया कि अमृतसर समेत कई मंडियों में लाखों गेहूं की बोरियां खुले में पड़ी हैं, जिससे बारिश के कारण फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि करीब 6.05 लाख गेहूं की बोरियां मंडियों में मौजूद हैं, लेकिन अब तक केवल 10 प्रतिशत ही लिफ्टिंग हो पाई है। उन्होंने कहा कि अजनाला, लोपोके, भिंडी सैदां, मजीठा और अन्य सीमावर्ती इलाकों की मंडियों में हालात बेहद खराब हैं। कई जगहों पर न तो शेड की व्यवस्था है और न ही उचित प्रबंधन, जिसके चलते किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
सांसद ने टेंडर प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि 70 से 80 प्रतिशत ठेके ऐसे लोगों को दिए गए हैं, जिनके पास अपने ट्रक तक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कागजी गाड़ियों के आधार पर टेंडर हासिल किए गए हैं, जिससे गेहूं की लिफ्टिंग की रफ्तार बेहद धीमी है। औजला ने सरकार से सवाल किया कि जब बाहरी राज्यों से बसें मंगवाई जा सकती हैं, तो गेहूं की ढुलाई के लिए ट्रक क्यों नहीं मंगवाए जा सकते। उन्होंने कहा कि बारिश, चोरी और आवारा पशुओं के कारण गेहूं को भारी नुकसान हो रहा है, जिसका खामियाजा अंततः किसानों और आढ़तियों को भुगतना पड़ता है।सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार द्वारा 72 घंटे के भीतर लिफ्टिंग और भुगतान के किए गए दावे पूरी तरह विफल साबित हुए हैं।
उन्होंने आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार पूरी तरह से असफल हो चुकी है और केवल विज्ञापनबाजी पर ध्यान दे रही है। साथ ही उन्होंने पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति को भी चिंताजनक बताया। अंत में औजला ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया, तो किसानों और आढ़तियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा, जिसका असर आम जनता पर भी पड़ेगा।
