श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी गुरुपर्व पर पाकिस्तान गए 518 सिख श्रद्धालु अटारी बॉर्डर के रास्ते भारत लौटे

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रिपोर्ट: लाइव भारत / अमृतसर 19-जून (मनी शर्मा) 

अमृतसर, 19 जून: श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी गुरुपर्व के अवसर पर पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों और पवित्र गुरुधामों के दर्शन करने गए 518 सिख श्रद्धालुओं का जत्था गुरुवार को अटारी-वाघा अंतरराष्ट्रीय सीमा के रास्ते भारत वापस लौट आया। श्रद्धालुओं की वापसी पर अटारी बॉर्डर पर उनके परिजनों, धार्मिक संगठनों और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

जानकारी के अनुसार श्रद्धालुओं को 10 जून से 19 जून तक दस दिनों के लिए पाकिस्तान यात्रा का वीजा जारी किया गया था। सभी इमिग्रेशन और सुरक्षा औपचारिकताएं पूरी करने के बाद जत्था पाकिस्तान रवाना हुआ था। इस दौरान श्रद्धालुओं ने श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी गुरुपर्व से संबंधित धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ-साथ पाकिस्तान के ऐतिहासिक गुरुद्वारों में माथा टेका।

ननकाना साहिब, पंजा साहिब और डेरा साहिब में किए दर्शन

दस दिवसीय धार्मिक यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब, गुरुद्वारा श्री पंजा साहिब, गुरुद्वारा श्री डेरा साहिब समेत कई ऐतिहासिक और पवित्र गुरुधामों के दर्शन किए। श्रद्धालुओं ने बताया कि इस यात्रा ने उन्हें आध्यात्मिक शांति, गुरु साहिबानों की शिक्षाओं से जुड़ने और सिख इतिहास को निकट से जानने का अवसर प्रदान किया।

अटारी बॉर्डर पर एसजीपीसी ने किए विशेष प्रबंध

यात्रा पूरी करने के बाद श्रद्धालुओं का जत्था अटारी बॉर्डर स्थित जीरो लाइन पार कर भारत पहुंचा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) द्वारा लंगर, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की विशेष व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा श्रद्धालुओं को उनके गंतव्य स्थानों तक पहुंचाने के लिए अमृतसर, दिल्ली और हरियाणा के लिए बसों का भी प्रबंध किया गया।

परिजनों से मिलकर भावुक हुए श्रद्धालु

अटारी सीमा पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के परिजन अपने प्रियजनों का स्वागत करने पहुंचे थे। लंबे समय बाद अपने परिवार के सदस्यों से मिलकर कई श्रद्धालु और उनके परिजन भावुक नजर आए। सीमा क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा विशेष इंतजाम किए गए थे।

कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण ढंग से रवाना हुआ जत्था

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अमृतसर देहाती पुलिस द्वारा अटारी सीमा और आसपास के क्षेत्रों में कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से उनके गंतव्य स्थानों के लिए रवाना कर दिया गया।

श्रद्धालुओं ने इस धार्मिक यात्रा को अपने जीवन का यादगार और सौभाग्यपूर्ण अनुभव बताते हुए भविष्य में भी पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुधामों की यात्राएं जारी रखने की अपील की।