लाइव भारत / अमृतसर 30 -अप्रैल (मनी शर्मा)
पंजाब में गहराते बिजली संकट को लेकर सियासी माहौल गरमाता जा रहा है। इसी क्रम में शिरोमणि अकाली दल ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में बिजली घरों के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। अमृतसर में भी मजीठा रोड स्थित बिजली घर के बाहर अकाली दल नेता आर.पी. सिंह मैनी की अगुवाई में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया।
धरने में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने भाग लिया और पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने “बिजली दो, राहत दो” और “सरकार होश में आओ” जैसे नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
*सरकार पर लगाए गंभीर आरोप*
अकाली दल नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य इस समय भीषण बिजली संकट से गुजर रहा है, लेकिन सरकार इस मुद्दे को लेकर गंभीर नहीं है। लोगों को जरूरत के समय बिजली नहीं मिल रही और कटौती लगातार बढ़ रही है। आर.पी. सिंह मैनी ने कहा कि यह धरना “सोई हुई सरकार को जगाने” के लिए किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि किसान, व्यापारी और आम उपभोक्ता—सभी बिजली संकट से परेशान हैं।
*किसानों और व्यापारियों पर असर*
नेताओं के अनुसार, किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही, जिससे फसलों पर सीधा असर पड़ रहा है और उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है। वहीं, व्यापारियों और छोटे उद्योगों का काम भी प्रभावित हो रहा है, क्योंकि बिजली कटौती के कारण उत्पादन और कारोबार ठप पड़ रहा है। घरेलू उपभोक्ताओं को भी लंबे समय तक बिजली कट का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनका दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है, खासकर रात के समय पर्याप्त रोशनी न मिलने के कारण।
*सरकार की तैयारी पर उठे सवाल*
अकाली दल ने आरोप लगाया कि बढ़ती मांग के बावजूद सरकार ने पहले से कोई ठोस योजना नहीं बनाई। गर्मी के मौसम में बिजली की खपत बढ़ना स्वाभाविक है, लेकिन इसके लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए।
*मांगें और चेतावनी*
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि बिजली उत्पादन और सप्लाई व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त किया जाए। साथ ही किसानों को तय समय पर बिजली उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। अकाली दल नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक बिजली संकट का स्थायी समाधान नहीं किया जाता, उनका विरोध जारी रहेगा।
*शांतिपूर्ण रहा प्रदर्शन*
धरने के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
*राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है संकट*
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिजली संकट आने वाले समय में पंजाब की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन सकता है। विपक्षी दल इस मुद्दे को सरकार के खिलाफ उठाते हुए दबाव बढ़ा रहे हैं।
कुल मिलाकर, बिजली संकट ने आम जनता—किसानों, व्यापारियों और घरेलू उपभोक्ताओं—की जिंदगी पर गहरा असर डाला है। ऐसे में सरकार के लिए जरूरी हो जाता है कि वह जल्द से जल्द ठोस और दीर्घकालिक समाधान निकालकर लोगों को राहत दे।