टूटे परिवार का सहारा बने ए.एस.आई दलजीत सिंह, की आर्थिक सहायता

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पंजाब की नोजवान पीढ़ी विदेशी धरती पर सुनहरे सुपने लेकर जाती है,दिल मे उमंग और बड़े बड़े ख्वाब लेकर विदेश की धरती पर जाने की होड़ लगी है,ऐसे ही कई युवक और युवतियां है जो आपने परिवार का पालन पोषण जा कुछ बनने का सपना लेकर विदेश जाते है,ऐसे ही सपने लेकर और अपनी छोटी 3 बहनों, छोटे भाई और गरीब मा बाप का श्रवण पुत्र बन कर पालन पोषण और घर का कर्ज उतारने के लिए विदेश गयी गुरदासपुर जिले के बटाला अधीन आते गांव तनद्याल नत से सबधित चरणजीत कौर के सपने अधूरे रह गए,विदेश जाने के कुछ माह बाद ही चरनजीत कौर को बीमारी के कारण वापिस पंजाब आना पड़ा, जिसके बाद बीमार बाप ने अपनी लाडली का हर जगह इलाज करवाया

लेकिन बदनसीब मा बाप अपनी लाडली को नही बचा पाए,वही अब परिवार का रो रो कर बुरा हाल है गरीबी के कारण रोजी रोटी को भी मोहताज हो गए है वही मा ने मदद की गुहार लगाते हुए दानी और समाज सेवी संस्थाओं से मदद की गुहार लगाई है और कहते है के अगर चारो तरफ से दरवाजे बंद पड़ जाए तो पर्वत दिगार कोई न कोई रास्ता जरूर निकल देता है,इन परिवार का पता चलने के बाद पंजाब पुलिस में तैनात अमृतसर में बतौर एएसआई पद पर तैनात दलजीत सिंह रब का रूप बन कर परिवार की मदद के लिए पहुचा यहाँ एएसआई की तरफ से बच्चो को कापी किताबे पेंसिलें,राशन और माली सहायता दी गयी वही उन्होंने भी इस गरीब और जरूरत मन्द परिवार की मदद करने की अपील की।