जेल में बंद पत्रकार दीपक भंडारी की मौत, गिरफ्तारी से पहले ड्रग इंस्पेक्टर पर लगाए थे गंभीर आरोप

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लाइव भारत अमृतसर 26-अगस्त (मनी शर्मा)

अमृतसर: प्रतिबंधित दवाओं की कथित अवैध तस्करी और कारोबार के मामले में जेल में बंद अमृतसर के स्थानीय वेब न्यूज चैनल से जुड़े पत्रकार एवं ‘बैलिस्टा फार्मास्यूटिकल्स’ के मालिक दीपक भंडारी की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि जेल में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद जेल प्रशासन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचा। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

दीपक भंडारी की मौत की खबर सामने आने के बाद अमृतसर के मीडिया जगत और पुलिस-प्रशासन में हलचल मच गई है। फिलहाल मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम और जांच के बाद ही हो सकेगी।

  • NCB ने किया था गिरफ्तार

जानकारी के अनुसार, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की अमृतसर जोनल यूनिट ने मई 2025 में प्रतिबंधित दवाओं से जुड़े एक मामले में कार्रवाई करते हुए दीपक भंडारी की फार्मास्यूटिकल्स कंपनी से बड़ी मात्रा में ट्रामाडोल (Tramadol) की गोलियां बरामद करने का दावा किया था।

इसके बाद भंडारी पर प्रतिबंधित दवाओं के कथित अवैध वितरण और तस्करी से जुड़े आरोप लगाए गए। काफी समय तक फरार रहने के बाद NCB ने जून 2025 में उन्हें मोहाली के एक होटल से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद से वह न्यायिक हिरासत में थे।

  • गिरफ्तारी से पहले वीडियो में लगाए थे आरोप

दीपक भंडारी की मौत के बाद उनका एक पुराना वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा में है, जिसे उन्होंने गिरफ्तारी से पहले जारी किया था। वीडियो में भंडारी ने खुद को निर्दोष बताते हुए मामले में साजिश के तहत फंसाए जाने का दावा किया था।

उन्होंने ड्रग इंस्पेक्टर सुखदीप सिंह पर भी गंभीर आरोप लगाए थे और दावा किया था कि ड्रग विभाग के अधिकारियों की भूमिका के कारण उन्हें इस मामले में फंसाया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

  • मौत की जांच शुरू, पोस्टमॉर्टम से सामने आएगा कारण

जेल में एक विचाराधीन कैदी की मौत होने के कारण मामले की संवेदनशीलता बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से मौत के कारणों की जांच की जा रही है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि दीपक भंडारी की मौत हृदयाघात, किसी बीमारी या किसी अन्य कारण से हुई।

वहीं, परिवार और समर्थकों की ओर से पहले लगाए गए आरोपों को देखते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठ रही है। पुलिस और संबंधित अधिकारियों की जांच रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों और अन्य आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

नोट: इस खबर में लगाए गए आरोप संबंधित पक्षों के दावों पर आधारित हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और अंतिम कानूनी निष्कर्ष संबंधित जांच/अदालत की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे।