अमृतसर में पंजाब राज्य महिला आयोग की लोक अदालत, 33 मामलों की सुनवाई; सोशल मीडिया और लिव-इन रिलेशनशिप पर जताई चिंता

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लाइव भारत / अमृतसर 29-अप्रैल (मनी शर्मा)

पंजाब राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन राज लाली गिल ने आज अमृतसर पुलिस लाइन में लोक अदालत लगाकर महिलाओं की समस्याएं सुनीं और मौके पर ही पुलिस अधिकारियों को शिकायतों के निपटारे के निर्देश दिए। इस दौरान आयोग द्वारा 33 मामलों की सुनवाई की गई, जबकि करीब 70 अन्य मामलों को भी सुना गया।

मीडिया से बातचीत करते हुए चेयरपर्सन ने कहा कि आयोग हर जिले में जाकर महिलाओं की समस्याओं का समाधान कर रहा है, क्योंकि कई पीड़ित महिलाएं मोहाली स्थित मुख्य कार्यालय तक नहीं पहुंच पातीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से काम करता है और उस पर किसी प्रकार का राजनीतिक दबाव नहीं है।

राज लाली गिल ने कहा कि आजकल सोशल मीडिया के दुरुपयोग के कारण परिवार टूट रहे हैं और समाज पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि नई पीढ़ी में बढ़ते लिव-इन रिलेशनशिप समाज को गलत दिशा में ले जा रहे हैं, जिसे लेकर जागरूकता की आवश्यकता है।

लोक अदालत के दौरान चेयरपर्सन ने कई मामलों में पुलिस अधिकारियों को दोबारा जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आयोग का मुख्य उद्देश्य हर पीड़ित महिला को समयबद्ध और न्यायसंगत समाधान उपलब्ध कराना है। महिलाओं के खिलाफ अभद्र भाषा के इस्तेमाल पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को महिलाओं के प्रति अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने से बचना चाहिए।

उन्होंने जानकारी दी कि मार्च 2024 में पद संभालने के बाद से अब तक करीब 6000 से अधिक मामले आयोग के पास आए हैं, जिनमें से 80 प्रतिशत का निपटारा किया जा चुका है। आज की सुनवाई में विवाह विवाद, संपत्ति, एनआरआई विवाह, दहेज, घरेलू हिंसा और अन्य महिला उत्पीड़न से जुड़े मामले शामिल थे। राज लाली गिल ने कहा कि आजकल सहनशीलता की कमी के कारण पारिवारिक विवाद बढ़ रहे हैं और वृद्धाश्रमों की संख्या में वृद्धि भी समाज के लिए चिंता का विषय है।इस मौके पर आयोग के डिप्टी डायरेक्टर गुलबहार सिंह तूर, सदस्य सुखबीर कौर और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी उपस्थित रहे।